कुछ वहाँ चीज़े हम पुरानी छोड़ आए हैं,
आते आते आँखो मे पानी छोड़ आए हैं
कई ख्वाब सडकों पर भागते फिरते हैं
तन्हा तन्हा सी जिंदगानी छोड़ आए हैं
जानने वाले हमे यहाँ बहुत से है लेकिन
अपनी वहां पहचान पुरानी छोड़ आए हैं
जरा जरा सी ही जो अब रह गई हैं
आधी-अधूरी सी कहानी छोड़ आए हैं
मुश्किलात संग अपना राब्ता पुराना है
आफत की फिर निशानी छोड़ आए हैं
अदायत को अपने अब आता नही कोई
उनके ही दर ये मेहरबानी छोड़ आए हैं
था पहले भी मुझमे अब भी है मुझमे वो
बेलफ्ज खामोश जुबानी छोड़ आए हैं