तु भी सज रही थी वहां
यहां मै भी संवारा जा रहा था
तेरी आँखों में अरमान था
मेरी आँखों में इंतजार था
तु लदी हुई थी गहनों से
मै लादा गया था फुलो से
तु लाल जोडे में सजी थीं
मै सफेद चादर में कैद था
तुझे चार ने उठाया कांधे पर
मै भी चार कांधो पर था
लांघा चौखट तुने घर का
मै भी घर से निकल पड़ा
तु साथ ले जा रही थी जमघट
मुझे हुजूम ले जा रहा था
शहनाइयाँ थी साथ तेरे
मेरे साथ खामोशी थी
तु रोते जा रही थी घर से
मै रोता छोड जा रहा था
तु जिंदगी से मिलने जा रही थी
मै जिंदगी से मिलकर जा रहा था
तेरी डोली रूकी जा पिया घर
मेरा जनाजा पहुंचा श्मशान घर
तु डोली से निकली बाहर
जनाजा पहुंचा मेरा चिता पर
तु उधर सेज पर बैठी
आग लगी मेरी चिता पर
पिया ने छुआ जब तेरा तन
तो मेरा तन चिता में झुलस गया
तु पिया की आगोश में थी
मै मौत की आगोश में था
जब शांत हुआ तुफान उधर
मेरी चिता भी हो गई राख
इस तरह एक और दास्तां
चिता में जलकर हो गई खाक