विचलित हूँ व्यथित हूँ
संसद की तरह स्थगित हूँ
सफेदपोशो की भीड़ मे
एक मै ही पतित हूँ
मजबूर हूँ जनता हूँ
खादी के आश्रित हूँ
कल ख्वाब देखा था
आज भी भ्रमित हूँ
राजनितिक मुद्दा हूँ
समाज का शोषित हूँ
मुद्दो पर अटल हूँ
संसद का दुर्भाग्य पटल हूँ
लोकतन्त्र के बलात्कार पर
होता रहा लज्जित हूँ
व्यग्र मन का झंडाबरदार
देश का भविष्य हूँ
दुराग्रहियों के कटोरे का
मीठा नवनीत हूँ
आज मै व्यथित हूँ
संसद की तरह स्थगित हूँ
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