गुस्से मे पांव पटकता
मै बाहर निकल आया
स्पोर्ट्स शूज की फरमाइश
पुरी नही हुई थी
नजर पड़ी जब टुटे चप्पलो पर बाबूजी के...
आंखे भर आयी...
No comments:
Post a Comment