चांद भी खो गया तारे भी खो गये
अंधेरे जिंदगी में बेहिसाब रह गये
देखा था दिल ने कल ख्वाब आपका
सहर होते ही ख्वाब सिर्फ ख्वाब रह गये
वो आये हकीकत में हमने देखा नही
दिदये हसरत लिए इज्तराब रह गये
रंज यही है कि उनकी नजर में
बेमोल जो थे नायाब रह गये
रकीब सारे उन्हें अजीज है आज
वफा करके हम खाना खराब रह गये
अपने दिल की किताब कोरी ही रही
कुछ रहा तो बस सुखे गुलाब रह गये
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