खूं से लथपथ ये मुहल्ला ये गली किसने की
आह भी आज सिहरने है लगी किसने की
क्यूँ है बिगड़े हुए हालात कमी किसने की
आज हर शख़्स की आंखों में नमी किसने की
देख हालात ये दहशत में है दहशत यारों
खौफ़ ये नज्र हमे आज अभी किसने की
हर जुबां फूल बरसते यहां देखे हमने
फिर बयानों से भला आगजनी किसने की
तू मुहब्बत का था ताजिर बड़ा मेरे खुदा
तेरी दौलत की बता राहजनी किसने की
उम्र बीती है मुसाफत में मगर दर दर है
क्यूँ वो भटका है भला राहबरी किसने की
बस्तियां फूंक के इमदाद लगे देने वो
ये रवायत तो न थी पहले कभी किसने की
सबको मालूम है ये बात सभी मौन है पर
दरमियाँ दिल के ये दीवार खड़ी किसने की
क्यूँ है उतरा हुआ बाजार में चेहरा सबका
झूठ के दौर में हर बात खरी किसने की
क्यूँ नदारद है मुहब्बत यूँ दिलों से लोगों
नेमते रब की यहां इतनी कमी किसने की
मुल्क में अम्नो अमां दौर रहे बस कायम
है यही रब जी दुआ पूछ नही किसने की
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