Monday, 2 March 2020

खूं से लथपथ ये मुहल्ला ये गली किसने की

खूं से  लथपथ ये मुहल्ला  ये गली किसने की
आह  भी   आज  सिहरने  है लगी किसने की

क्यूँ है  बिगड़े  हुए  हालात  कमी  किसने  की
आज हर शख़्स की आंखों में नमी किसने की

देख  हालात  ये  दहशत  में  है  दहशत  यारों 
खौफ़ ये   नज्र  हमे  आज  अभी  किसने की

हर  जुबां   फूल   बरसते   यहां   देखे   हमने
फिर  बयानों  से  भला  आगजनी किसने की

तू  मुहब्बत  का  था  ताजिर  बड़ा  मेरे  खुदा
तेरी  दौलत  की  बता   राहजनी  किसने  की

उम्र  बीती  है   मुसाफत  में   मगर  दर दर है 
क्यूँ  वो  भटका  है  भला  राहबरी किसने की

बस्तियां   फूंक   के   इमदाद   लगे   देने  वो
ये  रवायत  तो  न थी पहले कभी किसने की

सबको  मालूम  है  ये  बात  सभी मौन है पर
दरमियाँ  दिल  के ये दीवार खड़ी किसने की

क्यूँ है  उतरा  हुआ  बाजार  में चेहरा सबका
झूठ  के  दौर में  हर बात   खरी  किसने  की

क्यूँ  नदारद  है  मुहब्बत  यूँ  दिलों से  लोगों
नेमते  रब  की  यहां  इतनी कमी किसने की

मुल्क  में  अम्नो अमां  दौर  रहे  बस कायम
है  यही  रब जी  दुआ  पूछ  नही किसने की

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