Saturday, 8 August 2015

क्यूँ कि मेरे देश में लोकतंत्र है

झुठ खिलखिला रहा
सत्य मौन है

क्यूँ कि मेरे देश में
लोकतंत्र है

गलत को गलत कहना
भी यहा गलत है

क्यूँ कि मेरे देश में
लोकतंत्र है

देश तोड रहे है
अभिव्यक्ति के नाम पर

क्यूँ कि मेरे देश में
लोकतंत्र है

आजाद है गुनाहगार
निर्दोष बंद है

क्यूँ कि मेरे देश में
लोकतंत्र है

रोटी पर है बहस
मजहब बुलंद है

क्यूँ कि मेरे देश में
लोकतंत्र है

संसद है बंधक
जिम्मेदार चंद है

क्यूँ कि मेरे देश में
लोकतंत्र है

खबरे बिक रही है
चौक चौराहों पर

दाम लगा उठा लो
जो खबरे पसंद है

क्यूँ कि मेरे देश में
लोकतंत्र है

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