शुक्र है बेफिजूल ख्वाहिश नहीं करते
बेकारी में बच्चे फरमाईश नहीं करते
ऐ नसीब बख्श दे कुछ तो रहम कर
गाहे ब गाहे यूं आजमाईश नही करते
जितनी मुश्किले मौला डाल झोली में
रहमतो की हम तेरे पैमाईश नही करते
मांग लेना आखिरी कतरा भी खुन का
इश्क में कमजर्फ गुंजाइश नहीं करते
चाक जिगर लिए फिरते हैं यूं तो हम
हर मुंह मे गमों की नुमाइश नहीं करते
बहाते थे कल तक तेरे मयखाने दरिया
गैरत में कोई तलब ऐ वाईज नहीं करते
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