ख्वाब देखूंगा तो अखबार मे आ जायेगा
कुछ हकीकत सरेबाजार मे आ जायेगा
मै सांसे भी लेता हूँ तो जमाने से छिपके
वरना कल वो भी इश्तेहार में आ जायेगा
मै मुफलिस इक मुद्दा हूँ सियासत के लिए
मेरे ये हालात भी दरकार में आ जायेगा
मेरे हर निवाले पर भी नजर रखी जायेगी
मेरा किरदार भी सरोकार में आ जायेगा
बेबसी की तस्वीरें मेरी बिकेगी बाजारों में
ये मेरा जिस्म भी कारोबार में आ जायेगा
मेरे कांधो पे चढ़ करके शहर का "लुच्चा"
कल को देख लेना सरकार में आ जायेगा
मत कर गुस्ताखी ऐ सुखनवर तू रहने दे
वरना तेरा नाम भी गुनहगार में आ जायेगा
अभी जो बाकी है वजूद जरा जुदा सा तेरा
तू भी इस शहर के रिश्तेदार में आ जायेगा
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