रखे हैं शौक जरूरत जुदा जुदा करके
खयाल ख्वाब तमन्ना सजा सजा करके
तमाम उम्र मुकम्मल नहीय जो हो पायी
पिघल रही अब वो हसरत रुला रुला करके
गजब का यार मिला हमको राहे उल्फत में
सितम करे है सितमगर बता बता करके
वो कत्ल करने की देता है धमकियां मुझको
किया है इश्क भी उसने डरा डरा करके
वो भी शरीक था मेरे तमाशबीनों में
पुकारते हैं जिसे सब खुदा खुदा करके
कदम कदम पे है मौजूद वो मेरा मालिक
रखा है जिसको बशर ने जुदा जुदा करके
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