Friday, 6 October 2023

नाराज़ अपने आप से खुद से खफ़ा हूँ मैं

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नाराज़  अपने आप से   खुद से  खफा हूँ मैं 
रिश्तों के  दरमियाँ हूँ    पर सबसे जुदा हूँ मैं/1/

इस जिस्मो खाक से कोई खुद को संवार ले 
इतना न  अपने आप में  भी अब बचा हूँ मैं/2/

खैरात  मत  मुझे  दो   उजाले  जरा से तुम
जुगनू  से   न  मिटूंगा     अंधेरा  घना  हूँ मैं/3/

गुम है शहर से आजकल अम्नो सुकून चैन 
आलम है  दहशतों  का   नही सो रहा हूँ मैं/4/

अंगड़ाई जुल्फ आईना ख्वाबों गुलाब चांद
बदला जो वक़्त भूल सभी कुछ गया हूँ मैं/5/

सजदा  इबादतें    ये  जियारत   है  राएगाँ 
उलझी सी जिंदगी है  व उलझा हुआ हूँ मैं/6/

मुद्दत  से हूँ  तलाश में    अपने  वजूद की
जाने हुआ  क्या ऐसा  कहाँ गुमशुदा हूँ मैं/7/

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