रात में तारों भरी रात ने सोने नही दिया
बेबस चांद के हालात ने सोने नही दिया
आपको भी मुहब्बत है कि नही है हमसे
ऐसे मासूम खयालात ने सोने नही दिया
कैसे मर मर गुजरी है जिंदगी तुझ बिन
बेरब्त से ऐसे जज्बात ने सोने नही दिया
कितने बेताब थे तेरे दिदार की चाहत
ख्वाबों में मुलाकात ने सोने नही दिया
बिलखती रही हसरतें यतीमों की तरह
चंद चुभते सवालात ने सोने नही दिया
गुजारी जो तेरे साथ खयालों की जिंदगी
बीते उन हंसी लमहात ने सोने नही दिया
शिद्दत से तुझे याद करते गुजरे दिन रैन
मुद्दत से मुश्किलात ने सोने नही दिया
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