Friday, 15 March 2019

कल तेरी बात पर मै रोया हूँ

कल  तेरी   बात  पर   मै  रोया हूँ
अपने   हालात   पर    मै  रोया हूँ

बाद   मुद्दत   के  तुझको   देखा है
इस    मुलाकात   पर   मै  रोया हूँ

हर   जुबां  पर  है  तजकिरा  तेरा
ऐसी    सौगात   पर   मै   रोया हूँ

खुद को अब खोल भी नही सकता
ये   मुश्किलात   पर   मै   रोया हूँ

आशना   हर   कदम   मिले   तेरे
ये   निशानात    पर   मै   रोया हूँ

याद  मुश्किल से  अब  तू आता है
ऐसे   लम्हात   पर    मै   रोया हूँ

भुलने   को    तुझे   भुलाया   था
दिल  के  जज्बात  पर  मै  रोया हूँ

जिंदगी    गर्दिशों    में    गुजरी है
पर  न   आफात   पर  मै  रोया हूँ

मुख्तसर   सी    तमाम   हसरत है
बस  ये   हैहात   पर   मै  रोया हूँ

कुछ  तो  लम्हों  की भी खताएं थी
वो  ही  अगलात  पर   मै  रोया हूँ

और  कितना  यकीं  दूं  मै तुझको
अपने   इस्बात   पर   मै   रोया हूँ

अगलात - भूलें /इस्बात - साबित करना

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