Thursday, 18 April 2019

मिजाजे यार ने हैरत में डाल रख्खा है

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मिजाजे   यार  ने  हैरत  में   डाल  रखा है
रकीबो  से   ये  जो  रिश्ता  कमाल रखा है

सुब्ह से शाम तलक ख्वाहिशों को पाला है
ए ज़िन्दगी   तुझे    ऐसे    संभाल  रखा  है

देखा है वक्त ने मुझको  यूं चलते चलते ही
उम्मीद  सा   न दिखा   तो  मलाल रखा है

खयाल  ख्वाब से  आ  या  दरीचे दरवाजे
तेरे   लिए   कई   रस्ता    निकाल  रखा है

जरुरतों   ने   किया  है   हमें   हैरां  इतना
तमाम  ख्वाहिशें  कल पर  ही टाल रखा है

मेयार  भी  न  गिरा  मुल्क  का   यूं चौराहे
यतीम  क्यूँ  है   रिआया    सवाल  रखा है

ये इत्मिनान  खुशी  नींद   हैं सभी मुश्किल
नसीब  कैसे   हो  हैरत   में   डाल  रखा है

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