1212 1122 1212 22
करीब पा के तुझे फिर न ये मचल जाए
कुछ ऐसी बात करो दिल मेरा बहल जाए/1/
खयाल ख्वाब में तुझको ही ढूंढा है अक्सर
यूं ही न राह तकाई में दिन ये ढल जाए/2/
हजार तौर अदब एहतराम होते हैं
ये सोंच सोंच न तहजीब ही बदल जाए/3/
सहम सहम के जरा घर से हम निकलते हैं
कि हादसों को कहीं से पता न चल जाए/4/
रहे जो शाख तो कल फूल पत्ते आयेंगे
बुरा ये दौर किसी तर्ह बस निकल जाए/5/
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