Friday, 2 April 2021

करीब पा के तुझे फिर न ये मचल जाए

1212 1122 1212 22
करीब  पा के तुझे  फिर  न ये  मचल जाए
कुछ ऐसी  बात करो  दिल मेरा बहल जाए/1/

खयाल ख्वाब में तुझको ही ढूंढा है अक्सर
यूं  ही  न  राह तकाई में  दिन ये  ढल जाए/2/

हजार   तौर    अदब    एहतराम    होते हैं
ये  सोंच सोंच  न  तहजीब  ही बदल जाए/3/

सहम सहम के जरा घर से हम निकलते हैं
कि हादसों को  कहीं से  पता न चल जाए/4/

रहे जो  शाख  तो  कल  फूल  पत्ते आयेंगे
बुरा ये  दौर  किसी  तर्ह  बस निकल जाए/5/

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