Friday, 2 April 2021

सुखनवरो के दिलों को खंगाला जब हमने

1212 1122 1212 22 
सुखनवरो के  दिलों को  खंगाला जब हमने
कुछ अधजले मिले अशआर देखने के लिए/1/

बला   का   दर्द    उढ़ेला  है    गज्ल गोई में
कि कौन कितना है गमख्वार देखने के लिए/2/

कभी  जो  जिंदगी  की  धूप ने  सताया मुझे
निकल  पड़ा  मैं  भी  खुद्दार देखने  के लिए/3/

जमात   जात  है   पर   आदमी    नदारद है
कहाँ  को  जाए  भला  प्यार  देखने के लिए/4/

No comments:

Post a Comment