Tuesday, 15 September 2015

खबरें बिक चुकी हैं इश्तेहार पढिये

खबरे बिक चुकी है
इश्तेहार पढिये

जज्बातो की नीलामी
सरे बाजार पढिये

कैसे होती है इंसानियत
शर्मशार पढिये

बाइज्जत शहर के
दागदार पढिये

महफूज नही बेटी
मिलती नही है रोटी

लगे है शहर मे बडे
बाजार पढिये

न पेट मे है अतडी
न आंखो मे है पानी

मुर्दो की बस्ती है
अखबार पढिये

मुर्दो की बस्ती का
अखबार पढिये

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