कहां दैरो हरम मे रब मिलता है
वहा तो बस मजहब मिलता है
ऐ वाईज चल मैकदे मे ढुंढ लें
सुनते है कि वहा सब मिलता है
इक यार पुराना कही खो गया है
देखे वो फिर कब मिलता है
खंजर लिए फिरते है यार
जो मिलता है गजब मिलता है
शहर की हवा बदली सी है
बेअदबी वो बाअदब मिलता है
हमे जिंदगी के तौर सिखाता
सितमगर हमी से बेढब मिलता है
यूँ तो मुहब्बत मुश्किल है फिर भी
मजा मौशूकी मे अजब मिलता है
होश वालो को कहा रब मिले है
बेहोशी मे ही तो रब मिलता है
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