खुद के किरदार पे नजर डालो फिर कोई जुमला उछालो
कभी उलटा भी वार पड़ता है मुंह खोलो तो जुबां सम्हालो
बेबात बकबादी ठीक नही कभी अच्छे खयाला निकालो
रिश्ते मिलते है जुबां के रस्ते आओ बेहतरीन रिश्ता बना लो
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