Wednesday, 8 January 2020

क्या खयाल उनको हमारा कभी आया होगा

क्या   खयाल उनको    हमारा    कभी   आया होगा 
यूँ   ही  उनका  भी   कभी  दिल   गुनगुनाया   होगा

उठ  के     वो   बैठ     गए   होंगे     कभी   रातों  में
देख     ख्वाबों में     हमे     दिल   मुस्कुराया   होगा

मन भी    तड़पा   होगा   मिलने को   कभी हमसे यूँ 
नाम     लब  पर  भी   हमारा   कभी     आया होगा

झुक गई    होंगी      निगाहें   भी     कभी  शर्माकर
बैठे बैठे       वो    हमें    याद में      लाया      होगा

वो  कभी    गुस्सा   कभी  प्यार    का    बेचैनी पन 
तजकिरा    उनको     हमारा    कभी   भाया  होगा

बैठ    खिलवत में   कभी   हमको  वो  सोचा  होगा 
फिर  जफाओं  पे भी    अपने  वो   लजाया   होगा

जब  परेशान     खयालो  ने     किया  होगा    उन्हें 
अश्क आंखों में भी फिर  खुद ही उतर आया  होगा

No comments:

Post a Comment