Tuesday, 20 December 2016

मुक्तक हादसा ये भी दरमियां गुजरा

हादसा  ये भी  दरमियां  गुजरा
कोई तुझसा  कहीं कहां  गुजरा

दिल को तेरी तलब ही ऐसी थी
आखिरी  हश्र   इब्तिदा  गुजरा

No comments:

Post a Comment