हादसा ये भी दरमियां गुजरा
कोई तुझसा कहीं कहां गुजरा
दिल को तेरी तलब ही ऐसी थी
आखिरी हश्र इब्तिदा गुजरा
सुर्खियां बनती बेबसी अब तो
फब्तियों में ही तब्सिरा गुजरा
मुश्किलों में ही जिंदगी गुजरी
इक गया तो ये दुसरा गुजरा
आरज़ू जिनसे रहनुमाई थी
वो मेरा वक्त बेजुबां गुजरा
हौसले ओढते बिछाते हुए
सर्दियों का जो दौर था गुजरा
आस बन के ही रह गई दुनिया
दौर अच्छा भी राएगा गुजरा
हसरतें शामियाना ढुंढती है
चाह अक्सर ही बेरिदा गुजरा
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