वो बेबाकी से मुस्कुरा लेता है बच्चा है न
किसी कांधे सर टिका लेता है बच्चा है न
नही रखता कोई हादसा दिल में वो दबा
आसानी से दर्द भुला लेता है बच्चा है न
कोई खरास कोई तल्खी वो जानता नही
सभी को अपना बना लेता है बच्चा है न
हंसता है रोता भी है बेवक्त में सोता भी है
वो वक्त से लम्हे चुरा लेता है बच्चा है न
खुद से खेलता है खुद को ही खिलाता है
दिल को यूँ भी बहला लेता है बच्चा है न
आशनाई है किधर भांप लेता है अक्सर
रिश्ते पल में आजमा लेता है बच्चा है न
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