Monday, 4 July 2016

मिजाज जिंदगी से खफा होने नही देता

मिजाज जिंदगी से खफा   होने नही देता
हालात भी रिश्तों से वफा होने नही  देता

रहता है इक और शख्स मुझमें मेरे सिवा
जो मुझे कभी तुझसे जुदा होने नही देता

अक्सर तब जीत कर भी मै हार जाता हूँ
खुद हार जो वो मुझे फना होने नही देता

न इशारा  न दिलासा  न कोई वादा मगर
इंतजार तेरा हमको शफा  होने नही देता

इत्मिनान सुकून  कहां  सबके हक आते
नसीब अपना हमें इनका  होने नही देता

बारिश से भी न बुझी तडप इस दिल की
फिर भी ये  हमें रूआसा  होने नही देता

अल्फाज़ सारे खामोश अशआर बेअसर
क्यूँ कोई भी मेरा दर्द अता होने नही देता

No comments:

Post a Comment