मिजाज जिंदगी से खफा होने नही देता
हालात भी रिश्तों से वफा होने नही देता
रहता है इक और शख्स मुझमें मेरे सिवा
जो मुझे कभी तुझसे जुदा होने नही देता
अक्सर तब जीत कर भी मै हार जाता हूँ
खुद हार जो वो मुझे फना होने नही देता
न इशारा न दिलासा न कोई वादा मगर
इंतजार तेरा हमको शफा होने नही देता
इत्मिनान सुकून कहां सबके हक आते
नसीब अपना हमें इनका होने नही देता
बारिश से भी न बुझी तडप इस दिल की
फिर भी ये हमें रूआसा होने नही देता
अल्फाज़ सारे खामोश अशआर बेअसर
क्यूँ कोई भी मेरा दर्द अता होने नही देता
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