जिंदगी ये अजनबी सी हो गई
हर खुशी ही खुदखुशी सी हो गई
हसरतें औ ख्वाहिशें सब उड़ गए
रोशनी भी तिरगी सी हो गई
चांद तारों का सफर भुला ये दिल
सिसकियाँ सुन के लोरी सो गई
अतड़ियां जब ऐठी है भुख से
जंग उसूलों से हमारी हो गई
मुश्किलों से सामना ऐसा हुआ
चैन अपना नींद अपनी खो गई
साजिशें ही साजिशें है सब तरफ
नेमतें जो उनपे भारी हो गई
मसखरे से हो गये हैं हम यहां
जिंदगी भी मसखरी सी हो गई
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