Monday, 6 September 2021

चाहिये ख्वाहिशें कुछ खुशी के लिए

212 212 212 212 
चाहिये  ख्वाहिशें  कुछ  खुशी  के  लिए
है    तमन्ना   जरूरी     सभी    के  लिए/1/

मन  के  बहलाव  खातिर  मिले तो सही
कुछ  तसल्ली   भले  दो  घड़ी  के लिए/2/

मन  ये  बेचैन  है  आजकल  कुछ जरा
छटपटाने    लगा  है   किसी   के  लिए/3/

खा  गया  हर  कदम  पर  भरोसा मुझे
अब बचा खुद  न  मैं अपने ही के लिए /4/

प्यास  सदियों  की  जैसे  कोई तीव्र हो
यूँ   तरसते   हैं   हम   रोशनी  के लिए/5/

जिंदगी   से     नदारद   रही    जिंदगी
हम    भटकते  रहे     जिंदगी  के लिए/6/

दरमियाँ    हादसों  के    हुआ   हादसा
थम  गई  जिंदगी   अपने  जी के लिए/7/

खूब  रोया  है  परदे  में  मुँह को छिपा
जो  कि  मशहूर  है   मसखरी के लिए/8/

दर्द   कितने   समेटे  है   सीने   में   वो
ढो   रहा     लानतें   रहबरी   के  लिए/9/

कुछ न मतलब है अखबार को झूठ से
सुर्खियाँ   चाहिए   सनसनी   के  लिए/10/

बात  कहिये  उन्हे  जो  सुने बात कुछ
जो  न  सुनते  कहो क्या हँसी के लिए/11/

अब तलक जो  कहा या सुना ही गया
था नजरिया किसी का किसी के लिए/12/

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