221 2121 1221 212
छू कर मुझे करीब से सहसा गुजर गया
खुशियों का काफिला अभी आया गुजर गया/1/
त्योहार के बहाने भी कुछ काम आये ना
रिश्तों से अब तो बिछड़े भी अरसा गुजर गया/2/
रहता जो हर समय ही था अपनो की भीड़ में
करवट यूँ वक़्त ने लिया तन्हा गुजर गया/3/
कम्बख्त दिल बना रहा ता उम्र मुंतजिर
राहों को ताकते हुए लम्हा गुजर गया/4/
रिश्ते सहेजते रहे मोती की जैसे हम
इसमें ही वक़्त राएगाँ कितना गुजर गया /5/
नादानियों के नाम रही सारी जिंदगी
बर्बाद खुद को कर लिए मौका गुजर गया/6/
दैरो हरम में ढूंढ लिया पर मिला नही
कैसे कहाँ न जाने फरिश्ता गुजर गया/7/
बेसुध सा हो के गिर पड़ा चौराहे जब कोई
बंदा कोई मदद को न ठहरा गुजर गया/8/
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