122 122 122 122
नया कुछ तो कहिए बहाना हो क्या अब
बुलाने का उनको तरीका हो क्या अब/1/
यूँ गुजरे भी वो वक़्त अरसा हुआ है
हैं अब वो पराए तो रिश्ता हो क्या अब/2/
हुई याद ताजा दिखे जो अचानक
तसल्ली वसल्ली दिलासा हो क्या अब/3/
मचलने लगी फिर उमंगे दबी सब
करें दफ्न किसको तमाशा हो क्या अब/4/
फजीहत कराने को दिल ये तुला है
उजागर जईफी में किस्सा हो क्या अब/5/
सरेराह अहसास धज्जी हुए हैं
अब इससे बुरा और अच्छा हो क्या अब/6/
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