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लगे उसी को ही खुबसूरत कि जिसने कुछ भी सहा नही है
मिली ही खैरात सी है जिसको बताए क्या वो ये क्या नही है/1/
तरसते देखे हैं लाखों जीवन जरा जरा सी खुशी की खातिर
मिली है सौगात सी ये जिनको कि दर्द उनको पता नही है/2/
कदम कदम पर मिली है लानत कदम कदम पर ही ठोकरें हैं
भला बताएं क्या हाल अपना कहीं पे कुछ भी मजा नही है/3/
उलाहनों की न इंतेहा है गुजारिशें दर ब दर यहाँ है
लगे है जैसे ये जिन्दगी से बड़ी कहीं कुछ सजा नही है/4/
प्रभु जी हालात कुछ सुधारो कि सब्र दिल में बचा नही अब
तरस रही हैं निगाहें दर्शन को चैन अब कुछ रहा नही है/5/
हमें मुहब्बत हुई है तुमसे जमाने भर की हमे खबर क्या
हमें है मतलब तो सिर्फ तुमसे किसी से कोई गिला नही है/6/
बस एक अपने हृदय न देखा तमाम दुनिया दरों में ढूंढा
तलाश करते थकी है दुनिया शिवा किसी को मिला नही है/7/
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