2122 2122 2122 212
इक तेरे ही घर उसे कुछ काम कैसे आ गया
चलते चलते चांद जेरे बाम कैसे आ गया/1/
गिर पड़ा वो आसमां से या सबब कुछ और है
वाकिये पर मुफ्त तेरा नाम कैसे आ गया/2/
ये गिले शिकवों की नौबत आ गयी क्यूँ इश्क में
थी मुहब्बत दरमियाँ इल्ज़ाम कैसे आ गया/3/
हो गयी राहें जुदा क्यूँ फासला सा हो गया
यूँ बिछड़ कर के तुम्हें आराम कैसे आ गया/4/
दरमियाँ ये अम्न के कोहराम का है काम क्या
इस सियासत फेर में आवाम कैसे आ गया/5/
आदमी का आदमी दुश्मन बना फिरता है क्यूँ
दोष सब दैरो हरम के नाम कैसे आ गया/6/
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