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तकलीफ़ मेरी सांवरे तुझसे छिपी है क्या
खामोश फिर भी बैठा है कुछ बेबसी है क्या/1/
या तो मेरे करम में ही कुछ खोट है प्रभू
या तेरी रहमतों में हुई कुछ कमी है क्या/2/
दर से तेरे न कोई भी लौटा कभी निराश
मुझ पर ही बेरूखी की ये बिजली गिरी है क्या/3/
आशिक तेरे हजार खड़े हैं कतार में
हम जैसे ना मुरादों की तुझको पड़ी है क्या/4/
दुनिया बुरे समय में पकड़ती है गलतियाँ
पर तू पकड़ता हाथ है तुझसा कोई है क्या/5
रिश्तों को खत्म कर रहे मतलब परस्त लोग
पर तू निभा रहा है करिश्मा नही है क्या/6/
कोई बुरा करे मेरा ये उसका कर्म है
जाने है मेरा श्याम गलत और सही है क्या/7/
मुझ पर बहुत सवाल खड़े वक़्त ने किये
शायद पता नही उसे प्रभु श्याम जी है क्या /8/
मेरा भरोसा है मेरा प्रभु श्याम सांवरा
मुझसे न पूछिए कोई मुश्किल घड़ी है क्या/9/
🙏🌹।।जय श्री श्याम ।।🌹 🙏
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