2122 1122 1122 22
फिर से इक बार बहुत याद हैं आए पापा
फिर से हम बैठ के बस अश्क बहाए पापा/1/
मैं हूँ कमजर्फ़ मैं अहमक हूँ नजर में सबके
मुझको हर मोड़ पे मुझसे ही मिलाए पापा/2/
कितना बेबस किया हालात ने हमको हर दम
हाथ से रेत के मानिंद गवाएं पापा/3/
अपना किरदार जलाकर दी महक है घर को
आपके रहते न हम खुद को खटाए पापा/4/
कुछ न कर पाए जतन आपका हम चाह के भी
दिन किसी को भी न रब ऐसा दिखाए पापा/5/
खूब बर्दाश्त किये जिंदगी नखरे तेरे
पर तुझे फिर भी नही एक सुहाए पापा/6/
कोई हसरत कोई चाहत न तमन्ना कोई
घर की खुशियों के लिए उम्र खपाए पापा/7/
आप जब तक रहे अहसास सदा छत का रहा
छत के गिरते ही सभी आंख दिखाए पापा/8/
एक हसरत रही दिल में मैं तेरी छांव बनूँ
जिंदगी भर तुम्ही हर बोझ उठाए पापा/9/
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