2212 1212 2212 1212
आला तरीन सोचकर सालिड निशान देखकर
क्या क्या खरीदते हैं लोग ऊँची दुकान देखकर/1/
ना तो मिसाल देखकर ना ही बयान देखकर
चलने लगा है आदमी अब आसमान देखकर /2/
नत मस्त हर समय हैं वो बस खानदान देखकर
हैरान खूब हो रहा हिन्दुस्तान देखकर/3/
पैसों का दौर चल रहा मन कोई देखता नही
मेहमान भी अब आते हैं मिलने मकान देखकर/4/
किसने बना दिया चलन रिश्तों में लेनदेन का
डरता है मेलजोल से मुफलिस विधान देखकर/5/
संघर्ष, कर्म , प्रार्थना , तकलीफ़, सहनशीलता
मालिक नवाजता है पूरा इत्मिनान देखकर/6/
कुछ जिम्मेदारियों ने ही मजबूर कर दिया हमें
वरना ठहर गये थे हम दर आस्तान देख कर/7/
पग पग संभल के चलने की चेतावनी है ठोकरें
फिसलो कहीं न लोभ में तुम मेहरबान देखकर/8/
क्या पंडितों से पूछते हो जब बुरे हैं कर्म ही
पंडित ही क्या बताएगा पोथी पुराण देखकर/9/
कर्मो की अपने सबको ही होती है जानकारियाँ
मालूम चल रहा है ये गंगा नहान देखकर/10/
बदले में दस के नोट के लाखों दुआएँ मांग ली
रिश्वत प्रभू को दे रहे हैं लोग प्लान देख कर/11/
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