11212 11212 11212 11212
कोई दर्द है न सुकून है आज सुर्खियाँ और कुछ नही
बड़ी बे मज़ा सी है जिंदगी क्या है दरमियाँ और कुछ नही/1/
न ही दोस्त है न रकीब है न ही प्यार है न नसीब है
यूँ ही बन गयी है दिलों में बाहमी दूरियाँ और कुछ नही/2/
वो लरज उठे मेरा नाम सुन खिले फूल सी मुझे सोच कर
यही चंद हसीन खयाल हैं मेरी मर्ज़ियाँ और कुछ नही/3/
मेरी हसरतों की किताब में तेरा जिक्र बार ही बार है
मेरी फिक्र में तू शरीक है मेरी हिचकियाँ और कुछ नही/4/
तेरे बाद मुझसे ही अब मुझे नही रह गया है लगाव कुछ
तुझे जी रहा ये कुसूर है मेरी गलतियाँ और कुछ नही/5/
करो सब्र या कि बदल ही दो न तो छोड़ दो ये विकल्प हैं
ये है हल किसी भी समस्या का नयी चाबियाँ और कुछ नही/6/
हो कहीं सुकून की जो जगह वहीं अब चलो चलें जिंदगी
तू हुई है तंग कदम कदम पे कहानियाँ और कुछ नही/7/
तू खयाल है मेरा आखिरी तू सवाल है मेरा आखिरी
मेरी जिन्दगी की गुमानियों में गवाहियाँ और कुछ नही/8/
लगे हर कदम हमें मौत सी कोई हादसा था गुजर गया
ले गया वो सारी ही रौनकें दे उदासियाँ और कुछ नही/9/
जो न चीखता न कराहता उसे मत समझिए नही है दुख
पी गया है दर्द वो घोल कर मिली किर्चियाँ और कुछ नही/10/
मैं संभल तो जाऊँ मगर बता है संभलना अब मुझे किस लिए
उन्हे चुभती हैं खमोशियाँ मेरी खामियाँ और कुछ नही/11/
सारे दोष खुद पे ही मढ़ लिए किसी से मुझे न गिला कोई
सभी हैं भले मुझे छोड़ कर ये हैं झलकियाँ और कुछ नही/12/
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