Saturday, 12 April 2025

कोई दर्द है न सुकून है आज सुर्खियाँ और कुछ नही

11212 11212 11212 11212
कोई   दर्द है  न  सुकून है       आज  सुर्खियाँ  और  कुछ नही
बड़ी  बे मज़ा  सी  है  जिंदगी  क्या है  दरमियाँ  और कुछ नही/1/

न  ही  दोस्त है  न  रकीब है         न  ही  प्यार है  न  नसीब है
यूँ  ही  बन  गयी है  दिलों में     बाहमी  दूरियाँ  और कुछ नही/2/

वो  लरज  उठे  मेरा  नाम  सुन   खिले फूल सी मुझे सोच कर
यही  चंद  हसीन  खयाल  हैं     मेरी  मर्ज़ियाँ  और  कुछ नही/3/

मेरी  हसरतों  की   किताब  में    तेरा  जिक्र   बार  ही  बार है
मेरी  फिक्र  में  तू  शरीक  है  मेरी  हिचकियाँ  और  कुछ नही/4/

तेरे  बाद  मुझसे  ही  अब  मुझे    नही रह गया है लगाव कुछ
तुझे  जी  रहा  ये  कुसूर है      मेरी  गलतियाँ  और  कुछ नही/5/

करो  सब्र  या  कि  बदल  ही दो    न तो छोड़ दो ये विकल्प हैं
ये है हल  किसी भी समस्या का  नयी  चाबियाँ और कुछ नही/6/

हो  कहीं  सुकून  की  जो  जगह  वहीं  अब चलो चलें जिंदगी
तू  हुई  है  तंग   कदम कदम   पे   कहानियाँ  और  कुछ नही/7/

तू  खयाल  है  मेरा  आखिरी      तू  सवाल  है  मेरा  आखिरी
मेरी  जिन्दगी  की  गुमानियों  में     गवाहियाँ  और  कुछ नही/8/

लगे  हर कदम  हमें  मौत सी     कोई  हादसा था  गुजर गया
ले  गया  वो  सारी ही  रौनकें    दे  उदासियाँ  और  कुछ नही/9/

जो  न  चीखता  न  कराहता  उसे  मत  समझिए  नही है दुख
पी गया है  दर्द वो घोल कर   मिली  किर्चियाँ  और  कुछ नही/10/

मैं संभल तो जाऊँ मगर बता है संभलना अब मुझे किस लिए
उन्हे  चुभती  हैं  खमोशियाँ    मेरी  खामियाँ  और  कुछ  नही/11/

सारे  दोष  खुद पे ही  मढ़ लिए   किसी से मुझे न गिला कोई
सभी हैं भले  मुझे  छोड़ कर   ये हैं झलकियाँ और कुछ नही/12/

No comments:

Post a Comment