Saturday, 12 April 2025

सरेआम महफिल में आने से पहले

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सरेआम    महफिल  में        आने से पहले
जमाने  को    अपनी        सुनाने  से  पहले/1/

बहुत  कुछ   किया  दफ्न    सीने में  अपने
वो  रोया  बहुत        खिलखिलाने से पहले/2/

कि  चलना   अभी   सीख  ही  हम   रहे थे
किसी  रेस  में   खुद को       लाने से पहले/3/

हुए   खत्म     सब   रास्ते   ही     सफर के
स्वयं को    जरा           आजमाने से पहले/4/

जो  दिखता  नही है   वो     दुखता बहुत है
जरा  सोचिये     दिल  दुखाने से.      पहले/5/

अभी है  बुरा  और          बाकी    गुजरना
कुछ अच्छा समय मुझ तक आने से पहले/6/

संभाला है   माँ की    दुआओं ने     हर दर
मुझे   गर्त में     डूब   जाने से          पहले/7/

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