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दीपक जला के शम्स दिखाने के बावजूद
काली घनेरी रात छिपाने के बावजूद /1/
बीमार सी तमन्ना दवा माँगती फिरें
गाने तरक्कियों के यूँ गाने के बावजूद /2/
सबको गुजारनी तो पड़ेगी ही जिंदगी
हँसने हँसाने रोने रूलाने के बावजूद /3/
खामोश हूँ जहाँ से वहाँ से पढ़ो मुझे
हँसना मेरा हुनर है रूलाने के बावजूद /4/
इक उम्र ही गुजर गयी लौटे नही मगर
वादे जो कर गये हैं न आने के बावजूद /5/
संघर्ष और शिकायतें होती कभी न खत्म
होती है खत्म जिंदगी छाने के बावजूद /6/
तू भी ऐ जिंदगी यूँ बड़ी लाजवाब है
सबकी समझ में आने न आने के बावजूद /7/
खुद को तो मानता ही नही वो गुनाहगार
सारे गुनाह सामने लाने के बावजूद /8/
रिश्ता किसी के साथ निभाया नही गया
रिश्ता सभी के साथ निभाने के बावजूद /9/
मन में जमीं जो मैल है बस वो न धुल सकी
गंगा में रोज रोज नहाने के बावजूद /10/
पहुचें हुए हैं कुंभ नहाने के वास्ते
मुर्गे की हड्डियाँ तक चबाने के बावजूद /11/
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