11212 11212 11212 11212
देखो दूर दूर हबीब है डरे सहमे सारे तबीब हैं
लगे सामने खड़ी मौत है दौरे हाल क्या हीय अजीब है/1/
कहो कैसा आया अजाब है हुई जिंदगी ही खराब है
है मुहाल सांस भी लेना अब ये हवाएँ इतनी मुहीब है/2/
हुए बंद सारे ही काम हैं बढ़ी मुश्किलें भी तमाम हैं
लगा अब सताने शिकम बहुत हुआ फिक्रमंद गरीब है/3/
वो जो रहता सबके जिगर में था वो नजर से सबकी उतर गया
वो दिखाया ख्वाब था खुल्द का आज सबके सर पे सलीब है/4/
तू खयाल में मेरे ख्वाब में है महक तेरी मेरी सांस में
तू समाया है मेरी धड़कनों में भी तू ही मेरा नसीब है/5/
लिखा जो भी दिल से लिखा है बस बना बेबसी की जुबान है
मेरा शौक बस है सुखनवरी मुझे कहते सब यूँ अदीब है/6/
हबीब - दोस्त
तबीब - चिकित्सक
अजाब - कष्ट
मुहीब - भयानक
शिकम - पेट
खुल्द - स्वर्ग
सलीब - सूली
No comments:
Post a Comment