Wednesday, 12 May 2021

मौन है कंगूरे चुप मीनार है

2122 2122 212
मौन  है   कंगूरे          चुप   मीनार है
खौफ़  अज़ानो     घंटियों  में   यार है/1/

है  बड़ी   दहशत  में  ही    आबोहवा
इक  वबा  ने    कर  दिया  लाचार है/2/

मर  चुके  हैं  लोग     जिंदा जिस्म है
शहर  ये   मुर्दों  का   इक   बाजार है/3/

छ्प  रही  बस  रेप  हत्या  की खबर
खून  से  लथपथ   मिले  अखबार हैं/4/

अब  कतारें   लग  रही    श्मशान में
क्या  वहांँ  पर  भी   कोई  बाजार है/5/

लग  रही      चारागरों   में  बोलियाँ 
क्या  यही   हाकिम   तेरा व्यापार है/6/

बारूदों  के  ढेर  में      हैं  हम  खड़े
जो  सुलगने    हर  समय    तैयार है/7/

हो चुकी  खामोश  कब  की जिंदगी
आदतन  पर  दिल धड़कता  यार है/8/

भूलने  का   प्रश्न  ही    उठता   नही
मेरे  जीने   का   तू    ही   आधार है/9/

जिक्र  खुद से  कर दिया  हमने तेरा
क्या कहें उस दिन से दिल बीमार है/10/

दूरियाँ       मजबूरियाँ      तन्हाईयाँ
इश्क  के   बस  तीन  ही हथियार है/11/

ताक  पर  है  हर  तमन्ना  आजकल
जिंदगी   से      जिंदगी     बेज़ार है/12/

आइये सब मिलके कुछ अच्छा करे
सहमा सहमा    खौफ़ तर  संसार है/13/

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