2122 1122 1122 22
उम्र भर मुझको जरूरत ने सताया है बहुत
बस जरा और जरा कह के छकाया है बहुत/1/
शौक सब भूल गये छोड़ दिये ख्वाब सभी
हसरतों ख्वाहिशों ने दिल को रूलाया है बहुत/2/
कोई उम्मीद नही फिर भी तेरी राहों में
रात भर हमने चरागों को जलाया है बहुत/3/
रात भर नींद से बस जद्दोजहद होती है
खुद को भरमाने को बस करवटें खाया है बहुत/4/
दिन गुजर जाएंगे दहशत भरे रख सब्र जरा
इस तरह दिल को तसल्ली भी बंधाया है बहुत/5/
रोज ही चेहरे बदल जिंदगी मिलती हमसे
हमने उम्मीद का नुक़्ता भी लगाया है बहुत/6/
उड़ गये पंख निकलते ही परिंदे सारे
बागबाँ नीड़ में फिर आँसू बहाया है बहुत/7/
पन्ना पन्ना है मेरी जिन्दगी का इसका गवाह
वक़्त ने मुझको पढ़ा और पढ़ाया है बहुत/8/
देख हालात लगे ख्वाहिशें ढंकने बच्चे
वक़्त से पहले बड़ा वक़्त बनाया है बहुत/9/
तंग गलियों से गुजर जाती है खामोश हयात
पर किताबों में तो कुछ और पढ़ाया है बहुत/10/
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