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बिगड़ते को बनाना जानता है
बहुत है वो सयाना जानता है/1/
शरारत करता है साजिश नही पर
वो रूठे को मनाना जानता है/2/
गिले शिकवे किसी से क्या करे अब
समझता है निभाना जानता है/3/
मुहब्बत का नही करता दिखावा
वो दिल से दिल लगाना जानता है/4/
है मिलता गर्मजोशी से सभी से
रवायत सब निभाना जानता है/5/
दिखाकर ख्वाब बहला देता है वो
वो रो कर भी हँसाना जानता है/6/
समझता है सही क्या है गलत क्या
वो हर रिश्ता निभाना जानता है/7/
वो बस चुपचाप करता काम अपना
नही हल्ला मचाना जानता है/8/
दवा काम आयी ना कोई दुआ जब
वो फर्ज अपना निभाना जानता है/9/
बड़ा शातिर है वो माहिर खिलाड़ी
तरीके शातिराना जानता है/10/
उसे सब तौर मालूम खेल के है
वो चौसर भी बिछाना जानता है/11/
छिपाकर रंजो गम रखता है दिल में
हमेशा मुस्कुराना जानता है /12/
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