12122 12122
उखड़ती सांसे मलाल दे ना
कि जिस्म से जाँ निकाल दे ना/1/
मेरी ये सांसे उधार ले ले
बदी ये रब पर तू टाल दे ना/2/
हर एक मंजर हृदय विदारक
दे बख्श और अब बवाल दे ना/3/
प्रभू ये हालात अब सुधारो
नया कोई अब सवाल दे ना/4/
लगे डराने है अब अंधेरे
तू रोशनी दे उजाल दे ना/5/
बुझा न बेबस घरों के दीपक
उदासियों को जमाल दे ना/6/
हताश करने लगी हैं खबरें
बुरे यूँ मन में खयाल दे ना/7/
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