2122 1122 1122 22
बे वजह ही कभी तूफान उठा लेते हैं
आए रिश्तों पे तो नुकसान उठा लेते हैं/1/
जान कमजोर हमें टूट न जाए बच्चे
सोच हम वज्न के सामान उठा लेते हैं/2/
अच्छे लोगों की जरूरत है बहुत उसको भी
तब ही जल्दी उन्हें भगवान उठा लेते हैं/3/
खुद को आजाद खयालात बताने वाले
बात बिन बात ही संविधान उठा लेते हैं/4/
क्या हो हासिल जो बिरादर से ही तकरार करें
हम यही सोच के अपमान उठा लेते हैं/5/
इक कहर है ये वबा दुसरी है भूख कहर
रोज इसी खौफ़ से दिल जान उठा लेते हैं/6/
फायदा आपकी इस नेक दिली का हर कोई
आपसे मिलने के दौरान उठा लेते हैं/7/
सेंधमारी है हुई पेट पे सीधे सबके
शाह खैरात में जिंदान उठा लेते हैं/8/
खूब शातिर हैं वो लफ्फाज मिजाजी हैं मियां
झूठी खबरों से वो तावान उठा लेते हैं/9/
कुछ नही सूझता जब जोर मशक्कत करके
चांद तारों से ही उन्वान उठा लेते हैं/10/
पल में किरदार बदल लेते हैं दौलत वाले
रोज हम एक ही पहचान उठा लेते हैं/11/
वबा - महामारी
जिंदान - कैद बंदिशें
तावान - मुआवजा
उन्वान - विषय
No comments:
Post a Comment