1222 1222 122
खुद अपने को तलाशेंगे अब हर दिन
भुला कर दुनिया देखेंगे अब हर दिन/1/
खयालो ने बगावत कर रखी है
शरारत इसको लिक्खेंगे अब हर दिन /2/
न हो नाराज यूँ हर बात पर दिल
तुझे फुर्सत में सोचेंगे अब हर दिन /3/
तमन्ना आरजू उम्मीद ख्वाहिश
यकीनन मार डालेंगे अब हर दिन /4/
तुम्हारे बिन जो गुजरी जिंदगी है
तसल्ली से सुनाएंगे अब हर दिन /5/
बखूब वाकिफ़ गरीबी से है बच्चा
अंगूठा मुँह में देखेंगे अब हर दिन /6/
बिछौने कम है मुफलिस जानता है
पलक पे मेहमां रक्खेंगे अब हर दिन/7/
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