2122 1122 1122 22
आदमी बात पर ही अपनी खरा कुछ तो रहे
दौर अच्छा हो या जितना हो बुरा कुछ तो रहे/1/
दिल तसल्ली के लिए जेब में बटुआ तो रहे
अब वो खाली ही रहे या के भरा कुछ तो रहे/2/
जह्न से जागा हुआ एक तो इंसान मिले
जिस्म से चाहे हो जिंदा या मरा कुछ तो रहे/3/
कोई आवाज़ तो मजलूम की आवाज बने
चाहे बेख़ौफ़ रहे चाहे डरा कुछ तो रहे/4/
बरहना जिस्म को दरकार कब़ा की है मियां
ज़ाफ़रानी हो वो चाहे हो हरा कुछ तो रहे/5/
मांगता क्यूँ मैं फिरूँ बात बिना बात दुआ
जिम्मेदारी वो खुदा की भी जरा कुछ तो रहे/6/
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