2122 1212 22
ये जो तुम हालचाल पूछते हो
खूब मुश्किल सवाल पूछते हो
देख कर भी तबाही के मंजर
बेखबर बन कमाल पूछते हो
अश्क तन्हाई हसरतें चाहत
ना उम्मीदी बेहाल पूछते हो
शर्त जीने की खामोशी हैं यहां
दफ्न दिल के मलाल पूछते हो
अर्जियां खुदखुशी की हाथों में
आप ख्वाबों खयाल पूछते हो
रोज होती गुजर है फाको में
आप खुशरू सा हाल पूछते हो
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