2122 1122 1122 22
जाम उल्फत के जरा मुझको पिला दो कोई
इक नजर देख लो ये प्यास मिटा दो कोई/1/
खूब तरसा हूँ मैं ताउम्र मुहब्बत के लिए
कुछ हंसी ख्वाब इन आंखों को दिखा दो कोई/2/
अब तो बाजार में बिकते हैं मुखौटे ज्यादा
आईना बेचने वाले को बता दो कोई/3/
अब खरीदार नही मिलते कहीं भी सच के
झूठ का फिर बड़ा बाजार लगा दो कोई/4/
मूंगफली आए नयी जितनी भी बाजारों में
सस्ते होते नही बादाम दिखा दो कोई/5/
फिर तो औलाद भी देती है अलहदा सा सबक
कुछ जियादा जरा जी कर तो दिखा दो कोई/6/
मौके ईमान के दुश्मन की तरह होते हैं
इस नये दौर को ये बात सुना दो कोई/7/
फिर से गुलजार हो गुलशन मेरा खुश्बू बिखरे
नफरतें दिल से यहाँ सबके मिटा दो कोई/8/
खुद अंधेरे में है वो सबको उजाले देकर
इक दिया दीप तले भी तो जला दो कोई/9/
इस जहां आने से अब बेटियाँ कतराने लगी
खौफ़ ये उनके दिलों से तो हटा दो कोई/10/
रिश्तों को खास बना देती है हद से ज्यादा
एक छोटी सी ही परवाह जता दो कोई/11/
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