212 1222 212 1222
ख्वाब अधूरे हैं सारे खुशियाँ सब अधूरी हैं
जिंदगी में रंजो गम की व्यवस्था पूरी है/1/
माहिरी तो हासिल है दिल दुखाने में सबको
पर तसल्ली के मरहम भी कभी जरूरी है/2/
यार आते हैं मिलने साथ रुतबे रखते हैं
हाथ तो मिलाते हैं दिल से दिल की दूरी है/3/
वक़्त ही सिकंदर है वक़्त ही खिलाडी है
खेल वक़्त का है सब वक़्त की कसूरी है/4/
हैं करीब तो लेकिन दूर हैं बहुत हमसे
अपने कुछ अजीजों की यूँ भी बे शऊरी है/5/
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