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मुगालता बाप को था कुनबा संभाल लेगा
जो पढ़ लिया बेटा सारा कर्जा संभाल लेगा/1/
मिली जो डिग्री निकल लिया गांव छोड़ बेटा
उधार बाकी तो बाप है ना संभाल लेगा/2/
दरकने दीवारो दर न रिश्तों की यूँ ही देगा
समझता है हर मिज़ाज लहज़ा संभाल लेगा/3/
वो जानता है तमाम घर की जरूरतों को
है घर की बुनियाद सारा मसला संभाल लेगा/4/
रखा उमीदों की धूप में ख्वाहिशें सुखाने
ये सोच कर की समय का पहिया संभाल लेगा/5/
खबर नही थी जरूरतें यूँ बरस पड़ेंगी
मुगालता था नसीब अपना संभाल लेगा/6/
गर हौसला हो जुनून हो कर गुजरने का कुछ
मुसीबतों का जखीरा बंदा संभाल लेगा/7/
उठे सवेरे जो नींद से आंखें थोड़ी नम थी
था आसरा ख्वाब से समस्या संभाल लेगा/8/
रखी थी उम्मीद बूढ़ी आंखों में कुछ जमा कर
कमाएगा बेटा घर का खर्चा संभाल लेगा/9/
रफू कराने लगा है अब पेंट अपनी बेटा
यकीं है अब खुद को वो जरा सा संभाल लेगा/10/
करूँ मैं क्यूँ व्यर्थ में ही चिंता कि होगा क्या कल
बुरा भला जो भी होगा "कान्हा" संभाल लेगा/11/
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