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कहें कैसे तुमसे मुहब्बत नही थी
पर इतना ही कहने की हिम्मत नही थी/1/
पशेमां हुए बेकसूरी में भी हम
लगन ये कहो क्या मुहब्बत नही थी/2/
बढ़े इस कदर फासले दरमियाँ हैं
बिछड़ने की हमको जरूरत नही थी/3/
दिया कुछ तो तुमने दिया चाहे धोखा
वगरना तुम्हारी ये आदत नही थी/4/
मिला हर कदम पर नया सीखने को
कभी भी हमें इससे दिक्कत नही थी/5/
हुए खर्च खुद ही कमाते कमाते
कमाया वो जिसकी जरूरत नही थी/6/
जला कर स्वयं को निभाता रहा मैं
फरामोश की मेरी नीयत नही थी/7/
हुई आजकल नातेदारी सलेक्टेड
कहीं भी गरीबी की इज्जत नही थी/8/
मैं उलझा नही मज़हबी तज़क़िरों में
मेरे पास इतनी तो फुर्सत नही थी/9/
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