1212 1122 1212 22
वही न मिलने का ग़म और वही गिला होगा,
मै जानता हूँ कि वो खत में क्या लिखा होगा/1/
चुभन ये पीठ पे कैसी है मुड़ के देख भी ले
कहीं वो दूर तुझे जाते देखता होगा/2/
वजह कुछ और रही होगी रूठने की वहाँ
जरा सी बात पे यूँ वो नही खफ़ा होगा/3/
खयाल ख्वाब में तन्हाईयों की संगत में
यकीं है बैठे वो मुझको ही सोचता होगा/4/
मेरी वफाएं निगाहों में जब चली होंगी
जफाओं पर वो पशेमान फिर हुआ होगा/5/
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