Saturday, 23 July 2022

वही न मिलने का ग़म और वही गिला होगा

1212 1122 1212 22
वही न मिलने का ग़म  और वही गिला होगा,
मै जानता हूँ कि वो खत में क्या लिखा होगा/1/

चुभन ये पीठ पे कैसी है मुड़ के  देख भी  ले  
कहीं   वो  दूर    तुझे   जाते   देखता   होगा/2/

वजह  कुछ और  रही होगी  रूठने की वहाँ
जरा सी  बात  पे  यूँ  वो  नही   खफ़ा होगा/3/

खयाल  ख्वाब  में  तन्हाईयों  की   संगत में 
यकीं है  बैठे  वो  मुझको  ही  सोचता होगा/4/

मेरी  वफाएं  निगाहों  में   जब  चली  होंगी
जफाओं  पर  वो  पशेमान फिर हुआ होगा/5/

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